Jun 03 2026 / 5:44 PM

टूट गई ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी: 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया, रितब्रता बनर्जी को चुना विधायक दल का नेता

कोलकाता। इस वक्त की बड़ी खबर पश्चिम बंगाल की राजनीति से आई है। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी टूट गई है। 58 बागी विधायकों ने अलग गुट बनाया है। 58 बागी विधायक ने पार्टी से निकाले गए विधायक रितब्रता बनर्जी को विधायक दल का नेता घोषित किया। बागी विधायकों के दल ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस से मिलकर अपना समर्थन पत्र भी सौंपा। ये सभी बागी विधायक स्पीकर को समर्थन पत्र सौंपकर असली टीएमसी पार्टी का दावा किया। इसी के साथ ही तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी दो गुटो में बंट गया है।

बागी विधायकों के इस कदम से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी के सामने अब अपनी खुद की बनाई पार्टी टीएमसी से भी कंट्रोल खोने की संभावना बन गई है। 15 साल बाद बंगाल की सत्ता से दूर होने के बाद ममता बनर्जी अब अपनी पार्टी से भी हाथ धो सकती है।

बैठक में 58 बागी विधायक ने रितब्रता बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना। वहीं जावेद खान, संदीपन साहा और सिउली साहा को उपनेता बनाया गया है। जबकिअखरुज्जमान को चीफ व्हिप बनाया गया है। हालांकि बागी गुट ने अपने पत्र में ममता बनर्जी को अब भी पार्टी अध्यक्ष बताया है। लेकिन अभिषेक बनर्जी का नेतृत्व और विधायक दल से जुड़े फैसलों को मानने से इनकार कर दिया है।

बता दें कि टीएमसी में टूट की नींव सिग्नेचर फर्जीवाड़े के बाद पड़ी। विगत सोमवार को अभिषेक बनर्जी के लेटर हेड पर स्पीकर को भेजे गए पत्र में शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने का प्रस्ताव भेजा था। विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने शिकायत की थी कि इस प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। शिकायत के बाद ममता ने दोनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। यही दोनों विधायक टीएमसी की नाव में कील ठोकने का काम किया।

इधर टीएमसी की टूट को लेकर टीएमसी के निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने भी टीएमसी पर दावे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के 50 विधायकों ने बैठक की है और ये विधायक चुनाव चिह्न पर कब्जा करना चाहते हैं। रिजू दत्ता ने कहा कि टीएमसी के दो विधायकों रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर दावा किया कि उनके हस्ताक्षर जाली हैं।

उन्होंने दावा किया कि मैंने कई सालों तक तृणमूल कांग्रेस में काम किया है, इसलिए मुझे खबर मिली और कुणाल घोष ने भी प्रेस में बताया कि रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व में करीब 50 टीएमसी विधायक एक होटल में मिले। उन्होंने फोन पर भी बात की और शाम को विधायक छात्रावास में कई विधायकों के साथ बैठक की। एकजुट होकर विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे और तीन मुख्य मुद्दे उठाएंगे। रिजू दत्ता ने कहा कि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। करीब 50 विधायक हमारे साथ हैं। हम असली तृणमूल कांग्रेस हैं। हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए यह चिन्ह हमारा होना चाहिए।

इधर ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की सभी कमेटियों, पार्टी से जुड़े संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। टीएमसी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सभी कमेटियों और फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन का पुनर्गठन किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने लिखा- पार्टी हर लेवल पर आत्मनिरीक्षण, परफॉर्मेंस रिव्यू और ऑर्गेनाइज़ेशनल असेसमेंट की एक पूरी एक्सरसाइज करेगी।

इस एक्सरसाइज के नतीजों के आधार पर, पैरेंट बॉडी और सभी फ्रंटल ऑर्गेनाइज़ेशन के ऑर्गेनाइज़ेशनल स्ट्रक्चर को फिर से बनाया जाएगा और सही समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। पार्टी अपने ऑर्गेनाइज़ेशन को मज़बूत करने और इसे नए जोश और मकसद के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने के लिए कमिटेड है।

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