Aug 21 2026 / 2:41 AM

पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का तिहाड़ में निधन, सिख विरोधी दंगा मामले में हुई थी उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली। सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार का निधन हो गया है। कांग्रेस के पूर्व सांसद तिहार जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। आज सुबह 81 साल की उम्र में 1984 सिख दंगों के दोषी कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया। वह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शरीर में कोई हलचल नहीं होने पर उन्हें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत लाया घोषित (ब्रॉट डेड) कर दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके बेटे जग प्रवेश कुमार सफदरजंग अस्पताल पहुंच गए है।

बता दें कि सज्जन कुमार 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए थे। उन्हें 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार इलाके में पिता-पुत्र की हत्या से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराया गया था। सज्जन कुमार को दिल्ली के सरस्वती विहार में एक भीड़ को उकसाने का दोषी पाया गया था, जिसके कारण जसवंत सिंह और उनके बेटे तरनदीप सिंह की हत्या हो गई थी।

कांग्रेस के पूर्व सांसद को 12 फरवरी को दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने और हत्या वगैरह से जुड़ी धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। साल 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

सज्जन कुमार दिल्ली के प्रभावशाली कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद थे। 23 सितंबर 1945 को दिल्ली में जन्मे सज्जन कुमार ने राजनीति की शुरुआत 1970 के दशक में की। वो दिल्ली नगर निगम के काउंसलर बने, फिर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे। 1980, 1991 और 2004 में वह लोकसभा सांसद चुने गए। वह संजय गांधी के करीबी माने जाते थे। 2018 में 1984 सिख विरोधी दंगों में दोषसिद्धि के बाद उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

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