Jul 29 2026 / 1:34 AM

पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दिल्ली हाईकोर्ट ने हमेशा के लिए बंद करने का दिया आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय रिजर्व बैंक के आवेदन पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक को पूरी तरह बंद (वाइंड-अप) करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। RBI ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई और 22 जुलाई, 2026 को दिए गए आदेशों के तहत पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने एसबीआई के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम नायर को बैंक का ऑफिशियल लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है।

RBI लगातार नियमों की अनदेखी करने के कारण यह कार्रवाई की थी। उस समय RBI ने कहा था कि बैंक का इस तरह का संचालन जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक था। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट में बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी। यह पूरा निर्देश बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज़ एक्ट, 2013 के नियमों के तहत दिया गया है। RBI ने बताया कि गिरिकुमार एम नायर को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट और कंपनीज़ एक्ट के तहत तय सभी अधिकार दिए गए हैं।

लाइसेंस रद्द होने के बाद आरबीआई ने बैंक को औपचारिक रूप से बंद करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अदालत ने उस याचिका पर फैसला सुनाते हुए बैंक के परिसमापन की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दे दिया है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर यह पहली कार्रवाई नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में बैंक को कई बार आरबीआई की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। मार्च 2022 में RBI ने बैंक में सुपरवाइजरी कंसर्न का हवाला देते हुए नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगा दी थी। 31 जनवरी और 16 फरवरी 2024 को RBI ने बैंक पर अतिरिक्त कारोबारी प्रतिबंध लगाए थे।

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