नई दिल्ली। दिल्ली एसईएम कोर्ट ने सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत पर अपना आदेश सुरक्षित रखा। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों नेताओं को जमानत दे दी है। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की थी। दोनों को बुधवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया गया था। ये दोनों 7 दिनों से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि देरी के बाद आखिरकार उनके नेता सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया और खुशी जताई। रत्ना सिंह ने कहा कि सीजेपी के तौर पर उन्हें यह आवश्यक लगा। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है, लेकिन जल्द ही मिलने की उम्मीद है। रत्ना सिंह ने उच्च न्यायालय की मौखिक टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सौरव दास 27 वर्ष के हैं और आशुतोष भी जेन ज़ेड के करीब हैं। सीजेपी युवाओं के मुद्दों से जुड़ाव महसूस करती है।
दो दिन पहले सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई थी। सोमवार को दोनों को मंदिर मार्ग थाने में नवनियुक्त विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिस पर मजिस्ट्रेट ने दोनों को दो दिन और जेल में रखने का आदेश दिया।
दोनों नेता जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के मामले में हिरासत में हैं। आरोप है कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद वे बंद गेट पार कर जंतर-मंतर परिसर में दाखिल हुए थे। वहां सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने तिरंगा लहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। 13 अक्तूबर को उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।


