नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आज चुनाव आयोग की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने देश का चुनाव ऐतिहासिक रहा जिसमें मतदान का विश्व रिकॉर्ड बना। 64 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया, जिसमें 31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं शामिल रहीं।
135 स्पेशल ट्रेन चल रही थी, जो हमारे कर्मचारियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचा रही थी। 4 लाख वाहनों और 1692 फ्लाट्स का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा 68763 मॉनिटरिंग टीमें चुनाव की निगरानी में लगी थीं। चुनाव आयुक्त ने कर्मचारियों की एकजुटता और लगन के साथ काम करने वाला एक वीडियो भी साझा किया।
जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह देशभर के अलग-अलग स्थलों से अलग-अलग भाषा और रहन सहन के साथ कर्मचारी मिलते हैं और कुछ ही घंटों में वह मिलकर चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करने में जुट जाते हैं। ये सब अद्भुत अनुभव की तरह होता है।
चीफ इलेक्शन कमीश्नर ने कहा कि आप लोगों ने देखा किस तरह यह लोग मेहनत करते हैं और एकजुट होकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन जब इन लोगों पर आरोप लगते हैं तो आप सोच सकते हैं कितना बुरा न सिर्फ इन्हें बल्कि हम लोगों को भी लगता है। भीषण गर्मी से लेकर कीचड़ तक हर क्षेत्र में यह लोग जाते हैं ताकि आप अपनी पसंद की सरकार चुन सकें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इन कर्मचारियों के लिए कविता की दो लाइनें भी सुनाईं।
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राजीव कुमार ने बताया कि इस बार मतदान के दौरान बुजुर्गों ने भी जबरदस्त उत्साह दिखाया। उन्होंने कहा कि 85 से ज्यादा उम्र के लोगों ने भी जमकर वोट डाले। इनमें महिलाओं की संख्या भी ज्यादा रही।
चुनाव आयुक्त ने कहा कि देश उस हिस्से में हमने मतदान की प्रक्रिया को शांति से संपन्न किया जहां कभी डर के साए में कोई जाना पसंद नहीं करता था। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ओवर ऑल 58 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ जबकि सिर्फ घाटी में 51 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है। अब यहां पर विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।
राजीव कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर आपको ‘लापता जेंटलमैन वापस आ गए’ जैसे मीम्स दिखेंगे, लेकिन हम कभी ‘लापता’ नहीं थे। हमने 4 Ms की बात की थी। भारत में 642 मिलियन मतदाता हैं। यह संख्या विश्व के 27 देशों के वोटर्स से पांच गुना ज्यादा है।
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव कर्मियों के सावधानीपूर्वक काम के कारण हमने कम पुनर्मतदान सुनिश्चित किए। हमने 2019 में 540 के मुकाबले 2024 के लोकसभा चुनाव में 39 पुनर्मतदान देखे और 39 में से 25 पुनर्मतदान केवल 2 राज्यों में हुए।
लोकसभा चुनाव के इतिहास शायद ही इससे पहले कभी चुनाव आयोग की ओर से नतीजों से ठीक पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है। निर्वाचन आयोग ने मीडिया को इन्विटेशन भेजा है उसमें लिखा था कि लोकसभा चुनाव 2024 प्र निर्वाचन आयोग की ओर से संवाददाता सम्मेलन किया जा रहा है। बता दें कि देश में 19 अप्रैल से चुनाव शुरू हुए थे। सात चरणों में मतदान प्रक्रिया रही। 1 जून को सातवें और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हुआ।


