नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 291 सीटों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची के साथ ही राज्य में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी है। ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की और कहा कि पार्टी इस बार भी जीत की परंपरा को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी।
ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी ने इस बार अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। सूची में कई मौजूदा विधायकों को फिर से मौका दिया गया है, जबकि कुछ सीटों पर नए चेहरों को उतारा गया है। खास बात यह है कि इस बार भी भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी से होने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल, पिछले विधानभसभा चुनाव में ममता बनर्जी दो सीटों से चुनावी मैदान में उतरी थीं। एक नंदीग्राम और दूसरी भवानीपुर विधानसभा। नंदीग्राम में ममता का मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु से था। यहां वो शुभेंदु से चुनाव हार गईं थीं। हालांकि भवानीपुर से उन्होंने जीत हासिल की थी।
इस बार यहां मुकाबला अहम है। क्योंकि भाजपा ने इस बार नंदीग्राम के साथ भवानीपुर से भी शुभेंदु अधिकारी को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या नंदीग्राम में ममता को हराने वाले शुभेंदु ममता के गढ़ में उनको हरा पाएंगे या फिर भाजपा का ये दांव शुभेंदु को ही उलटा पड़ जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस की सूची में कई प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है। सिलिगुड़ी से गौतम देव को उम्मीदवार बनाया गया है। रायगंज से कृष्ण कल्याणी, सागरदिघी से बायरन बिस्वास और चोपड़ा से हामिदुल रहमान को टिकट मिला है। इस्लामपुर से कन्हैयालाल अग्रवाल और हेमताबाद से सत्यजीत बर्मन को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा बालुरघाट से अर्पिता घोष और हरिरामपुर से बिप्लब मित्रा को उम्मीदवार बनाया गया है।
उत्तर बंगाल के कई जिलों में भी तृणमूल कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। मालतीपुर से अब्दुर रहीम बख्शी, इंग्लिशबाजार से आशीष कुंडू और सुजापुर से सबीना यास्मीन को टिकट मिला है। जंगीपुर से जाकिर हुसैन और मुर्शिदाबाद से सायनी सिंह रॉय को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा खग्राम से आशीष मरजित और कांडी से अपूर्व सरकार को मैदान में उतारा गया है।
इस दौरान ममता ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में अच्छा खेल रहा है। ममता ने कहा कि अगर आयोग भाजपा की मदद ही कर रहा है तो उसे सीधे भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करना चाहिए।


