Oct 09 2026 / 4:09 PM

भारतीय मूल की नावी पिल्लई को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्ंप का नोबल वाला सपना एक बार फिर अधूरा रह गया है। भारतीय मूल की नावी पिल्लई को शांति का नोबेल प्राइज मिलेगा। भारतीय मूल की दक्षिण अफ़्रीकी न्यायविद नावी पिल्लई को साल 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार जीता है। इस पुरस्कार की घोषणा नॉर्वेजियन नोबेल समिति के जोर्गेन वाट्ने फ्राइडनेस ने की।

नोबेल प्राइज़ समिति ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की कोशिशों के लिए नवनेथम ‘नावी’ पिल्लई को 2026 का शांति का नोबेल पुरस्कार देने का फ़ैसला किया है। पिल्लई 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में काम किया है और विश्व में शांति के लिए कई अहम काम किए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से नाबेल का शांति पुरस्कार मांग रहे थे लेकिन उन्हें एक बार फिर से निराशा हाथ लगी है। ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने कई देशों के युद्ध रुकवाए हैं। इसलिए उन्हें शांति का नोबेल मिलना चाहिए। नोबेल समिति ने ट्रंप के नाम पर विचार नहीं किया और नावी पिल्लई को यह पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है।

डोनाल्ड ट्र्ंप ने अभी हाल में कहा था कि नोबेल पुरस्कार के इतिहास में ऐसा कोई नहीं रहा जो इसका ज़्यादा हक़दार हो। मैंने आठ युद्ध खत्म करवाए हैं। मैंने दुनिया को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाया। ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया गया। इसलिए नोबल पीस प्राइज मुझे मिलना चाहिए।

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