Aug 06 2026 / 9:34 PM

Gen Z और Gen Alpha से मोहन भागवत ने किया संवाद, कहा- आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, सुधार के लिए हो

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने आज मुंबई में Gen Z और Gen Alpha से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने Gen Z के हालिया विरोध प्रदर्शन, आंदोलन, Gen Z को राष्ट्र-विरोधी कहे जाने संबंधी तमाम विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। भागवत ने कहा, अगर Gen Z विरोध कर रहा है, तो वे राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं। वो अपने ही लोग हैं, अपनी ही अगली पीढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन भी संवाद का एक तरीका है। इस तरह से भी छात्र सरकार तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। Gen Z भी हमारे हैं, उनके साथ बातचीत जरूरी है।

भागवत बोले, मैं यह नहीं कह रहा कि Gen Z को आंदोलन नहीं करना चाहिए लेकिन लोकतंत्र में, कैसे करना है, क्या करना है इसके तरीके भी बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान में बताया है, अगर हम उनकी दो स्पीच पढ़ लें तो हमें पता चल जाएगा।

भागवत बोले, मुझे नहीं लगता कि Gen Z राष्ट्र-विरोधी हैं। मुझे लगता है कि ये जो नई पीढ़ी है, Gen Z और Gen Alpha, यह अभी हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार है और देशभक्ति व सेवा की ईमानदार अपील उन पर असर करती है।

हम लोगों को ये देखना होगा कि अगर Gen Z चिल्ला रही है तो विरोध के लिए नहीं चिल्ला रही है कोई तकलीफ है इसलिए चिल्ला रही है, उसको ठीक करना चाहिए। जो नहीं होना चाहिए वो अगर होता है तो कहीं ना कहीं चूक हो जाती है तभी ऐसा होता है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा, Gen Z के साथ मेरा अनुभव यह है कि जब हम उनकी उम्र के थे, तब हमारी पीढ़ी बिना सवाल किए बड़ों की बात मान लेती थी। आज Gen Z और Gen Alpha सवाल पूछते हैं। उन्हें हर बात का तार्किक जवाब चाहिए होता है। किसी भी विषय पर बातचीत जरूरी है और चर्चा से हर बात का समाधान संभव है।

उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन भी बातचीत का ही एक रूप है। जब लोग बातचीत करते हैं, तो अच्छे नतीजे निकलते हैं। Gen Z की शिकायतें सही हैं भारत की शिक्षा व्यवस्था में बहुत कुछ करने की जरूरत है। अंग्रेजी में जिसे डिबेट कहते हैं, उसे हम शास्त्रार्थ बौद्धिक चर्चा कहते हैं।

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