Aug 01 2026 / 10:23 PM

लद्दाख वापसी पर वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश, बोले- किसी के अंधभक्त नहीं बनिए

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कश्मीर दौरे से लौटकर अपने गांव पहुंचे, जहां उन्होंने सिंधु नदी के किनारे आराम करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने सरकार से अनशन समाप्त कराने के दौरान किए गए लिखित वादों को जल्द पूरा करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने आश्वासनों पर समय रहते अमल करना चाहिए, क्योंकि किसी भी वादे की अहमियत उसके समय पर पूरा होने में होती है।

सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को सरकार उचित मुआवजा दे। वांगचुक के अनुसार, अब समय आ गया है कि इन परिवारों को न्याय और सहायता मिले।

अपने संदेश में वांगचुक ने भारतीय रेल की तारीफ को लेकर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कश्मीर से लौटते समय उन्होंने रेलवे की सराहना इसलिए की थी क्योंकि कश्मीर तक रेल लाइन पहुंचाना देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक है। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे सरकार की तारीफ बताकर उनकी आलोचना की।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा कि यदि भविष्य में इसरो मंगल ग्रह पर इंसान उतारने जैसी उपलब्धि हासिल करता है, तो उसकी भी सराहना की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल हजारों इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों की वर्षों की मेहनत का परिणाम है, इसलिए अच्छे कार्य की प्रशंसा होना स्वाभाविक है।

सोनम वांगचुक ने लोगों से खुले और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश का निर्माण केवल पक्ष या विपक्ष से नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के सहयोग से होता है। उनके अनुसार, गलत फैसलों का विरोध करना जरूरी है, लेकिन अच्छे कार्यों की खुले मन से सराहना भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से किसी भी पक्ष के अंध समर्थक बनने के बजाय सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर समझने का आग्रह किया।

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