नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी जो पहले ही कई राजनीतिक समस्यों से घिरी हुईं अब उनको एक और झटका लगा है। ममता की करीबी सहयोगी और पश्चिम बंगाल टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। चंद्रिमा ने हालांकि अपने इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। ममता बनर्जी को भेजे अपने पत्र में चंद्रिका ने लिखा है कि विभिन्न बैंकों में संगठन के संचालित खातों की ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के रूप में भी वो अपनी जिम्मेदारी वापस ले रही हैं।
इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष ममता बनर्जी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में भी वो काम नहीं करेंगी। चंद्रिमा भट्टाचार्य का नाम तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली लोगों में गिना जाता है। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत भूमिका रही है, ऐसे में अचानक पार्टी के सभी पदों से रिजाइन करने के उनके फैसले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी के कई विश्वासपात्र सहयोगी उनका साथ छोड़ चुके हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पार्टी तो नहीं छोड़ी लेकिन संगठन के सभी पदों से रिजाइन कर दिया है।
वहीं ममता बनर्जी अपनी पार्टी को बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं। हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी गुट ने कोलकाता के ईएम बाईपास स्थित तृणमूल भवन पर कब्जा जमा लिया है। उनका कहना है कि वो ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं। इसके अलावा बीते दिनों बागी गुट ने बैठक करके ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाने का एलान कर दिया था। उनकी जगह अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष घोषित किया गया है। बागी गुट के प्रार्थनापत्र पर टीएमसी के कई बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं। यह मामला अदालत में लंबित है।


