नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी हाथों शिकस्त खाने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी में बवाल मचा हुआ है। ममता बनर्जी की पार्टी में हर दिन विकट गिरने का दौर जारी है। 20 लोकसभा सांसद बागी होकर अलग गुट बना चुके हैं। जबकि 13 राज्यसभा सांसदों में से 3 ने इस्तीफा दे दिया है।
अब ममता बनर्जी की आखिरी विकट भी गिरने की स्थिति में आ गई है। अब कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अंतिम वार्निंग दी है। ममता के बेहद खास कहे जाने वाले कल्याण बनर्जी ने बागी तेवर दिखाते हुए अभिषेक बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि हम दोनों में से किसी एक को चुनो।
सेरामपुर के सांसद कल्याण बनर्जी ने जाली हस्ताक्षर के मामले में अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से साफ इनकार करते हुए कहा कि टीएमसी बर्बाद हो गई, लेकिन अभिषेक बनर्जी का घमंड वैसा ही है। उन्होंने साफ साफ कहा है कि उन्हें अभिषेक बनर्जी की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं है।
कल्याण बनर्जी ने कहा है कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी को हटाएं. नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते। कल्याण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कभी भी मुझपर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा कि हम कल अभिषेक के केस के लिए तैयारी कर रहे थे और आधी रात मुझे बताया गया कि वकील बदल दिया गया है। यह बहुत ही अपमानजनक है।
मुझे डस्टबिन की तरह ट्रीट किया गया। अभिषेक बनर्जी को वरिष्ठों का सम्मान करना नहीं आता। कल्याण बनर्जी ने अभिषेक को घमंडी व्यक्ति बताया और तल्ख लहजे में कहा कि वह हैं कौन?
कल्याण ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि मैं अभी भी ममता के साथ हूं, लेकिन अब उन्हें चुनना होगा। मेरे लिए यह बहुत अपमानजनक है। कल रात 12:30 बजे मेरे बेटे को फोन आया। उसने मुझे बताया कि अयान अब यह केस लड़ेगा, जो जूनियर्स में भी जूनियर है। मैंने साफ कह दिया कि अब मैं अभिषेक बनर्जी के साथ नहीं रहूंगा। मैं 45 साल से इस पेशे में हूं। ऐसी बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करूंगा।
इधर सिग्नेचर फ़ॉर्जरी केस में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी। हालांकि उन्हें आज शाम 6 बजे तक पश्चिम बंगाल की CID टीम के सामने पेश होने का निर्देश भी दिया। इससे पहले हाई कोर्ट में आज अभिषेक का केस कल्याण बनर्जी खुद लड़ने वाले थे, लेकिन वे कोर्ट नहीं आए। फिर कल्याण और उनके बेटे श्रीशान्य बनर्जी ने खुद को अभिषेक के केस से अलग कर लिया।


