Jun 02 2026 / 11:29 PM

मालवा के कई इलाकों में आंधी, इंदौर में 93 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, कई स्थानों पर गिरे पेड़

इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। कई इलाकों में तेज आंधी चली। इंदौर में कई पेड़ धराशायी हो गए तो देवास में भी धूल भरी हवा से लोग बेहाल हो गए। उज्जैन में भी मौसम बदल गया है। वहां भी आंधी का असर देखा गया।

इंदौर में आंधी का असर ज्यादा देखा गया। डेढ़ सौ से ज्यादा पेड़ गिरे। इसके अलावा कई टीन शेड भी उड़ गए। दस मिनट तक लोग जहां थे, वहीं खड़े रहे। न्याय नगर में ट्रैफिक सिग्नल भी गिरा। शहर में कई जगह धूल का गुबार भी उठता रहा। गौरी नगर में तीन पेड़ गिरे साथ ही बिजली खंभा गिरा, परदेशीपुरा के रेडीमेड कॉम्प्लेक्स के पास पेड़ गिरा, राजवाड़ा अहिल्या प्रतिमा के पास भी 2 पेड़ गिरे, हवाओं का दौर थमने के बाद ट्रैफिक भी बिगड़ गया।

इंदौर में आज दोपहर 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। महज कुछ ही मिनटों में आई इस आंधी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज हवाओं के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और घरों के शेड उखड़ने की खबरें आ रही हैं।

लगभग 93 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर को अस्त व्यस्त कर दिया। शहर के 25 से अधिक इलाकों में 3 बजे बाद से बिजली पूरी तरह गुल है। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से कई जगह लंबा जाम लग गया है। कई घरों और दुकानों के टीन शेड हवा में उड़ गए; कुछ वाहनों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए।

आंधी की शुरुआत होते ही सुरक्षा के लिहाज से और कई जगहों पर लाइनें टूटने के कारण बिजली गुल हो गई। रिंग रोड, विजयनगर, पलासिया, भंवरकुआं, राजेंद्र नगर और छतरीपुरा के कई प्रमुख इलाकों में पिछले एक घंटे से अधिक समय से ब्लैकआउट है।

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार तेज आंधी के कारण कई फीडर ट्रिप हो गए हैं और कुछ मुख्य लाइनों पर पेड़ की शाखाएं गिर गई हैं। हमारी टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन बारिश रुकने और मलबा हटने के बाद ही सुधार कार्य तेजी से किया जा सकेगा। रिंग रोड के क्षेत्र में सबसे अधिक पेड़ों के गिरने की घटनाएं हुई।

तेज आंधी का सबसे बुरा असर शहर के यातायात पर पड़ा है। एबी रोड, रिंग रोड और एमजी रोड के कुछ हिस्सों में विशालकाय पेड़ और होर्डिंग्स उखड़कर बीच सड़क पर आ गिरे। इसके कारण दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण गाड़ियां रेंगती नजर आ रही हैं।

कच्चे मकानों और कई बहुमंजिला इमारतों की छतों पर लगे टीन शेड और फाइबर शीट हवा के तेज झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उड़ गए। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन सड़कों के किनारे खड़ी कई कारों और दोपहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। मुसाखेड़ी, भूरी टेकरी और शहर की अन्य निचली बस्तियों में आंधी से अधिक परेशानी हुई।

स्थिति को देखते हुए इंदौर नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें एक्टिव हो गई हैं। क्रेन और कटर मशीनों की मदद से सड़कों से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर में आ रही परेशानियों की जल्द मॉनिटरिंग करके व्यवस्थाओं को सुचारु किया जाए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सूचना दें।

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