नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अब देश में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक उपयोग में आने वाली गैस का अतिरिक्त 20 आवंटन किया जाएगा।
रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, डेयरी, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग, राज्य सरकारों या लोकल बॉडी द्वारा खाने के लिए चलाई जा रही सब्सिडी वाली कैंटीन/आउटलेट और कम्युनिटी किचन को गैस की सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सेक्रेटरी डॉ. नीरज मित्तल की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी को इस बाबत लेटर भी जारी कर दिया गया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक आज से अगले आदेश तक, राज्य को और कमर्शियल एलपीजी अतिरिक्त 20 प्रतिशत सप्लाई की जाएगी। इस तरह से सरकार ने कमर्शियल एलजीपी आपूर्ति को बढ़ाकर प्री-क्राइसिस स्तर के 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है।
रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, सब्सिडी वाली कैंटीन और माइग्रेंट मजदूरों के लिए 5kg FTL को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही यह पक्का करने के उपाय भी किए जाएंगे कि इसका कोई डायवर्जन न हो। आपको बता दें कि सरकार सभी प्रकार के एलपीजी उपभोक्ताओं चाहे वो घरेलू हों या कमर्शियल उन्हें पीएनजी में शिफ्ट होने की सलाह दे रही है।
इसके लिए गैस आपूर्ति कंपनियां भी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने पर कुछ आफर दे रही हैं। जैसे कि कोई भी घरेलू उपभोक्ता अगर 31 मार्च के पहले पीएनजी का कनेक्शन लेता है और गैस लेना शुरू करता है तो इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड 500 रुपए की फ्री गैस देगा।
दो दिन पहले सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया था कि पिछले दो हफ्तों में पीएनजी के लगभग 1.25 लाख नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा तीन दिनों में 5600 से ज्यादा घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन में स्विच किया है।


